ऐसे किया जाता है शृंगार
भगवान शिव को चंदन ओर रोली का शृंगार सबसे अधिक प्रिय है। शृंगार के सामान को प्रसाद के तौर पर बांटा जाता है।
- चंदन, रोली शृंगार में चावल, काले तिल, जनेऊ, बेलपत्र, फूल माला, वस्त्र आदि शामिल होते हैं।
- पंच मेवा शृंगार में बादाम, काजू, छुवारा, मखाना, किशमिश शामिल होती है।
- भांग शृंगार में भोले नाथ के स्वरूप का शृंगार भांग से किया जाता है, जिसमे भांग, मेंहदी, धूप, नारियल की जटा शामिल होती है।
- भस्म शृंगार में बाबा की जब तक आरती होती है। तब तक सूती कपड़े से बाबा पर भस्म को अखंड चढ़ाई जाती है। ये कामधेनु गाय के गोबर, कपूर,
हवन की सामग्री, गूगल, अबीर, जतामशी, धूप, जौ आदि से बनाई जाती है।
- फलों का शृंगार - इसमें पांच प्रकार के फल शामिल होते हैं।
भगवान शिव को चंदन ओर रोली का शृंगार सबसे अधिक प्रिय है। शृंगार के सामान को प्रसाद के तौर पर बांटा जाता है।
- चंदन, रोली शृंगार में चावल, काले तिल, जनेऊ, बेलपत्र, फूल माला, वस्त्र आदि शामिल होते हैं।
- पंच मेवा शृंगार में बादाम, काजू, छुवारा, मखाना, किशमिश शामिल होती है।
- भांग शृंगार में भोले नाथ के स्वरूप का शृंगार भांग से किया जाता है, जिसमे भांग, मेंहदी, धूप, नारियल की जटा शामिल होती है।
- भस्म शृंगार में बाबा की जब तक आरती होती है। तब तक सूती कपड़े से बाबा पर भस्म को अखंड चढ़ाई जाती है। ये कामधेनु गाय के गोबर, कपूर,
हवन की सामग्री, गूगल, अबीर, जतामशी, धूप, जौ आदि से बनाई जाती है।
- फलों का शृंगार - इसमें पांच प्रकार के फल शामिल होते हैं।
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