पूरा वीडियो: फिर वही गलती दोहराना चाहती हैं? || आचार्य प्रशांत, वेदांत महोत्सव (2022)
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00:00केले के पत्ते कैसे होते हैं उसमें उंगली भी ऐसे फिरा दो तो फट जाए इतना नाजुक पत्ता केले का और बेर का कैसा होता है इस्तरी केले के पत्ते की तरह होती है वो बात बात में उसकी भावना है उसको पता भी नहीं चलता हो बेर है उसका काम ही है सब को रगड़ते
00:30बेख्षी किसी नहीं होंट्ट कितनी है तुम भी जब डेखने जाटें लड़कों को देखने तो nawada
00:36सूरदास का तुम प्रस्टत करें एैसे बोलते हो तब यही देखते हो अच्छा बड़ी है गंधे चोड़े चाती चोड़ी कमाता कितना है दूसरे को
00:52दोनों साथ शात रहोगे तो फाड़ोगे एक दूसरे को, और फटती उसमें जाता है, इसतरी ही है, बेर को तो अधिक साधी पज गलानी होती है, उसका हुपका पानी बंद होता है, उसे घर से निकाल दियाता है, अज फाना नहीं मिलेगा, जा, उसको खरी नहीं पढ़ता है