सवाईमाधोपुर. किसान एप से अब स्वयं रबी फसल की गिरदावरी कर रहे है। ई-गिरदावरी से जिले के किसानों की राह आसान हुई है।
राज्य सरकार से किसानों को सुविधा देने के लिए किसानों को स्वयं गिरदावरी करने की प्रक्रिया शुरू की है। काश्तकार अपने मोबाइल में गुगल प्लेस्टोर के माध्यम से राज किसान गिरदावरी एप डाउनलोड कर अपने जन आधार से लॉगिन कर ई-गिरदावरी कर सकते है। इस संबंध में जिला कलक्टर ने भी जिले के सभी पटवारियों को ई-गिरदावरी करने के लिए किसानों को जागरुक करने के निर्देश दिए है।
जिले में अब तक कहां-कितनी हुई गिरदावरी
जिले में अब तक 8 लाख 92 हजार 824 खसरों में से 1 लाख 80 हजार 110 की गिरदावरी की जा चुकी है। इसमें वजीरपुर में 22 हजार 789, बरनाला में 13 हजार 319, गंगापुर सिटी में 12 हजार 278, मित्रपुरा में 13 हजार 55, बामनवास में 21 हजार 22, चौथ का बरवाड़ा में 20 हजार 806, सवाई माधोपुर में 39 हजार 316, बौंली में 16 हजार 859, तलावड़ा में 4 हजार 277 एवं मलारना डूंगर में 16 हजार 389 गिरदावरी हो चुकी है। जिले में अब तक हुई गिरदावरी में से किसानों ने स्वयं के स्तर पर 61 हजार 317 ई-गिरदावरी की है।
फसल खराबे का हो सकेगा वास्तविक आंकलन
जिला कलक्टर ने जिले के सभी पटवारियों को ई-गिरदावरी करने के लिए किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए है। किसान इस कार्य में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर अपने क्षेत्र के पटवारी से सम्पर्क कर गिरदावरी कार्य में सहायता ले सकते हैं। किसानों की ओर से ई.गिरदावरी स्वयं के स्तर पर करने से फसल खराबे की वास्तविक स्थिति का आंकलन होगा। वहीं यदि किसी प्रकार का मुआवजा दिया जाता है तो किसानों को उसका लाभ मिलेगा।
किसान यूं करें ई-गिरदावरी
सबसे पहले संबंधित ग्राम के पटवारी को अपना जन आधार भिजवाकर जन आधार अपने खसरे के साथ सीडिंग करना होगा। इसके बाद राज किसान गिरदावरी एप डाउनलोड कर अपने जनआधार से एप लॉगिन करना होगा। आधार से जुड़े मोबाइल नम्बर पर ओटीपी मिलेगा। इससे सत्यापन होने के बाद ऐप लॉगिन हो जाएगा। उसके बाद फसल विवरण जोड़े पर क्लिक करना होगा। फिर ऊपर की साईड में जनाधार से जुड़े खसरे का ऑप्शन आएगा। इस पर क्लिक कर अपना जिला सलेक्ट कर आगे बढऩा होगा। इसके बाद अपने खेत का खसरा नम्बर प्रदर्शित होगा, उस पर कैलिब्रेट पर क्लिक करना होगा। कैलिब्रेट करने बाद गिरदावरी सीजन एवं फसल सलेक्ट करते हुए खसरे का एरिया हेक्टेयर में अंकित करना होगा। इसके बाद फसल सिंचित है या असिंचित एवं सिंचाई का स्रोत तथा फलदार पेड़ है तो उनकी संख्या अंकित करते हुए खेत-खसरे में जो फसल बो रखी है उसकी उच्च गुणवत्ता की फोटो अपलोड करनी होगी। उसके बाद प्रिंट प्रिव्यू का ऑप्शन दिखेगा। यहां क्लिक करने के बाद सबमिट का ऑप्शन रहेगा। सबमिट के ऑप्शन पर क्लिक करने पर काश्तकार से की गई गिरदावरी सबमिट होते हुए पंजीकरण संख्या प्राप्त हो जाएगी।
गिरदावरी करते समय यह रखें सावधानी
एक खाते में एक से अधिक खातेदार होने की स्थति में किसी भी एक खातेदार से संपूर्ण खसरे की गिरदावरी करें। एक खसरे में एक से अधिक फसल है तो एक से अधिक फसल की गिरदावरी सबमिट करनी होगी। गिरदावरी करते समय फसल के साथ खुद की सेल्फी फोटो की आवश्यकता नहीं है।
इनका कहना है...
जिले के काश्तकार राज किसान गिरदावरी एप का अधिक से अधिक उपयोग कर अपनी रबी फसल की गिरदावरी खुद करें, ताकि काश्तकार की पटवारी पर निर्भरता नहीं रहे एवं फसल का सही आंकलन होग। जिन काश्तकारों के खेत में किसी प्रकार की फसल नहीं है तो भी निल फसल (कोई फसल नहीं है) को सलेक्ट करते हुए गिरदावरी सबमिट करें।
शुभम चौधरी, जिला कलक्टर, सवाईमाधोपुर
राज्य सरकार से किसानों को सुविधा देने के लिए किसानों को स्वयं गिरदावरी करने की प्रक्रिया शुरू की है। काश्तकार अपने मोबाइल में गुगल प्लेस्टोर के माध्यम से राज किसान गिरदावरी एप डाउनलोड कर अपने जन आधार से लॉगिन कर ई-गिरदावरी कर सकते है। इस संबंध में जिला कलक्टर ने भी जिले के सभी पटवारियों को ई-गिरदावरी करने के लिए किसानों को जागरुक करने के निर्देश दिए है।
जिले में अब तक कहां-कितनी हुई गिरदावरी
जिले में अब तक 8 लाख 92 हजार 824 खसरों में से 1 लाख 80 हजार 110 की गिरदावरी की जा चुकी है। इसमें वजीरपुर में 22 हजार 789, बरनाला में 13 हजार 319, गंगापुर सिटी में 12 हजार 278, मित्रपुरा में 13 हजार 55, बामनवास में 21 हजार 22, चौथ का बरवाड़ा में 20 हजार 806, सवाई माधोपुर में 39 हजार 316, बौंली में 16 हजार 859, तलावड़ा में 4 हजार 277 एवं मलारना डूंगर में 16 हजार 389 गिरदावरी हो चुकी है। जिले में अब तक हुई गिरदावरी में से किसानों ने स्वयं के स्तर पर 61 हजार 317 ई-गिरदावरी की है।
फसल खराबे का हो सकेगा वास्तविक आंकलन
जिला कलक्टर ने जिले के सभी पटवारियों को ई-गिरदावरी करने के लिए किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए है। किसान इस कार्य में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर अपने क्षेत्र के पटवारी से सम्पर्क कर गिरदावरी कार्य में सहायता ले सकते हैं। किसानों की ओर से ई.गिरदावरी स्वयं के स्तर पर करने से फसल खराबे की वास्तविक स्थिति का आंकलन होगा। वहीं यदि किसी प्रकार का मुआवजा दिया जाता है तो किसानों को उसका लाभ मिलेगा।
किसान यूं करें ई-गिरदावरी
सबसे पहले संबंधित ग्राम के पटवारी को अपना जन आधार भिजवाकर जन आधार अपने खसरे के साथ सीडिंग करना होगा। इसके बाद राज किसान गिरदावरी एप डाउनलोड कर अपने जनआधार से एप लॉगिन करना होगा। आधार से जुड़े मोबाइल नम्बर पर ओटीपी मिलेगा। इससे सत्यापन होने के बाद ऐप लॉगिन हो जाएगा। उसके बाद फसल विवरण जोड़े पर क्लिक करना होगा। फिर ऊपर की साईड में जनाधार से जुड़े खसरे का ऑप्शन आएगा। इस पर क्लिक कर अपना जिला सलेक्ट कर आगे बढऩा होगा। इसके बाद अपने खेत का खसरा नम्बर प्रदर्शित होगा, उस पर कैलिब्रेट पर क्लिक करना होगा। कैलिब्रेट करने बाद गिरदावरी सीजन एवं फसल सलेक्ट करते हुए खसरे का एरिया हेक्टेयर में अंकित करना होगा। इसके बाद फसल सिंचित है या असिंचित एवं सिंचाई का स्रोत तथा फलदार पेड़ है तो उनकी संख्या अंकित करते हुए खेत-खसरे में जो फसल बो रखी है उसकी उच्च गुणवत्ता की फोटो अपलोड करनी होगी। उसके बाद प्रिंट प्रिव्यू का ऑप्शन दिखेगा। यहां क्लिक करने के बाद सबमिट का ऑप्शन रहेगा। सबमिट के ऑप्शन पर क्लिक करने पर काश्तकार से की गई गिरदावरी सबमिट होते हुए पंजीकरण संख्या प्राप्त हो जाएगी।
गिरदावरी करते समय यह रखें सावधानी
एक खाते में एक से अधिक खातेदार होने की स्थति में किसी भी एक खातेदार से संपूर्ण खसरे की गिरदावरी करें। एक खसरे में एक से अधिक फसल है तो एक से अधिक फसल की गिरदावरी सबमिट करनी होगी। गिरदावरी करते समय फसल के साथ खुद की सेल्फी फोटो की आवश्यकता नहीं है।
इनका कहना है...
जिले के काश्तकार राज किसान गिरदावरी एप का अधिक से अधिक उपयोग कर अपनी रबी फसल की गिरदावरी खुद करें, ताकि काश्तकार की पटवारी पर निर्भरता नहीं रहे एवं फसल का सही आंकलन होग। जिन काश्तकारों के खेत में किसी प्रकार की फसल नहीं है तो भी निल फसल (कोई फसल नहीं है) को सलेक्ट करते हुए गिरदावरी सबमिट करें।
शुभम चौधरी, जिला कलक्टर, सवाईमाधोपुर
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