पूरा वीडियो: जानेमन की महकती यादें || आचार्य प्रशांत (2020)
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00:00ब्रेक अप के बाद रो रहे हैं
00:01रोने के पीछे धारणा यही है ना कि कोई अच्छी चीज थी जो खत्म हो गई
00:06ब्रेक अप का मतलब ही है कि तुम उस रिष्टे में खुश नहीं थे
00:10नहीं तो ब्रेक अप क्यों हुआ होता तो अब रो क्यों रहे हो
00:12कुमारे साथ तो अच्छा हुआ है, लेकिन यथार्थ का सामना ना करना पड़े, इसके लिए हम अपने साथ ही कपट करते हैं, एक जूठा स्मृति जाल रचते हैं, हम ऐसी ऐसी घटनाओं की बात करने लगते हैं, जो कभी हुई ही नहीं थी, जब चल रहा था वो रिष्टा
00:42की यादें सची भी है, क्या हम पूरी बात याद नहीं रखना चाहिए, और सत्य वो है जो बदले नहीं, तुमने बदल कैसे दी मेमोरी, तो इस मेमोरी अपने आप में छलावा है, जूठ है, अपने आपको उंचा करो, बहतर करो, तुमारे प्रेम प्रसंग अपने आप ब